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17 महा शक्तिशाली मंत्र संग्रह

सम्पूर्ण मंत्र संग्रह (Mantra Sangrah)

श्री गणेश, शिव, महामृत्युंजय, गायत्री, दुर्गा, हनुमान, लक्ष्मी, विष्णु, सरस्वती सहित समस्त 17 प्रमुख देवी-देवताओं के सिद्ध वैदिक मंत्र, बीज मंत्र, जप विधि एवं सरल हिंदी भावार्थ।

भगवान श्री गणेश 4 मंत्र

श्री गणेश मंत्र संग्रह

Shree Ganesh Mantra Sangrah

बीज मंत्र: ॐ गं गणपतये नमः॥

प्रथम पूज्य, बुद्धिदाता एवं समस्त विघ्नों का नाश करने वाले भगवान श्री गणेश के सिद्ध एवं चमत्कारी मंत्र। किसी भी शुभ कार्य, पूजा अथवा अध्ययन से पूर्व इनका जप परम कल्याणकारी है।

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भगवान शिव (महादेव) 4 मंत्र

श्री शिव मंत्र संग्रह

Shree Shiv Mantra Sangrah

बीज मंत्र: ॐ नमः शिवाय॥

देवों के देव महादेव भगवान शिव के परम कल्याणकारी महामंत्र, जिनमें अकाल मृत्यु नाशक महामृत्युंजय मंत्र एवं मोक्ष प्रदाता पंचाक्षरी मंत्र सम्मिलित हैं।

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माँ दुर्गा (आदिशक्ति) 4 मंत्र

माँ दुर्गा मंत्र संग्रह

Maa Durga Mantra Sangrah

बीज मंत्र: ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे॥

सकल ब्रह्मांड की जननी और दुष्ट संहारिणी पराम्बा माँ दुर्गा के अमोघ मंत्र, जो भय, असुरक्षा, नकारात्मक ऊर्जा और शत्रुओं का शमन कर विजय प्रदान करते हैं।

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भगवान हनुमान (बजरंगबली) 4 मंत्र

श्री हनुमान मंत्र संग्रह

Shree Hanuman Mantra Sangrah

बीज मंत्र: ॐ हं हनुमते नमः॥

पवनपुत्र, संकटमोचन श्री हनुमान जी के सिद्ध मंत्र, जो भय, रोग, पीड़ा, भूत-पिशाच बाधा और घोर संकटों को तत्काल दूर कर असीम बल और आत्मविश्वास प्रदान करते हैं।

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माँ सरस्वती (विद्या दायिनी) 4 मंत्र

माँ सरस्वती मंत्र संग्रह

Maa Saraswati Mantra Sangrah

बीज मंत्र: ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः॥

ज्ञान, विद्या, बुद्धि, कला और मधुर वाणी की अधिष्ठात्री भगवती माँ सरस्वती के पावन मंत्र। विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं, कलाकारों और साधकों के लिए यह परम कल्याणकारी हैं।

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भगवान शनिदेव (कर्मफलदाता) 4 मंत्र

श्री शनि मंत्र संग्रह

Shree Shani Mantra Sangrah

बीज मंत्र: ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः॥

न्यायाधीश, कर्मफल प्रदाता सूर्यपुत्र भगवान शनिदेव के सिद्ध मंत्र। साढ़ेसाती, ढैय्या अथवा शनि दोष की शांति तथा जीवन में अनुशासन व स्थिरता हेतु इनका पाठ अत्यंत फलदायी है।

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भगवान सूर्यदेव (प्रत्यक्ष देव) 4 मंत्र

भगवान सूर्य मंत्र संग्रह

Lord Surya Mantra Sangrah

बीज मंत्र: ॐ घृणिः सूर्याय नमः॥

प्रत्यक्ष देवता, अंधकार नाशक एवं समस्त जगत के प्राणदाता भगवान सूर्यदेव के सिद्ध मंत्र। इनके जप और अर्घ्य से ओज, तेज, निरोगी काया और राजसम्मान की प्राप्ति होती है।

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भगवान विष्णु (जगतपालक) 4 मंत्र

भगवान विष्णु मंत्र संग्रह

Lord Vishnu Mantra Sangrah

बीज मंत्र: ॐ नमो भगवते वासुदेवाय॥

सृष्टि के पालनकर्ता, क्षीरसागर शयन करने वाले चतुर्भुज भगवान श्री हरि विष्णु के पावन मंत्र, जो जीवन में धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष चारों पुरुषार्थ प्रदान करते हैं।

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माँ गंगा (पतित पावनी) 3 मंत्र

माँ गंगा मंत्र संग्रह

Maa Ganga Mantra Sangrah

बीज मंत्र: ॐ गं गङ्गायै नमः॥

भगवान शिव की जटाओं से अवतरित और समस्त पापों का प्रक्षालन करने वाली मोक्षदायिनी माँ गंगा के सिद्ध मंत्र। स्नान अथवा जल अर्पण के समय इनका स्मरण पापनाशक है।

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वेदमाता गायत्री (सविता देव) 2 मंत्र

गायत्री महामंत्र संग्रह

Gayatri Mahamantra Sangrah

बीज मंत्र: ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्॥

वेदों की जननी, संपूर्ण सनातन धर्म का परम तेजस्वी महामंत्र। सूर्य सविता देव के दिव्य प्रकाश का ध्यान करते हुए सद्बुद्धि एवं आत्मज्ञान की प्राप्ति का सर्वश्रेष्ठ साधन।

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सद्गुरु देव (परब्रह्म) 3 मंत्र

श्री गुरु मंत्र संग्रह

Shree Guru Mantra Sangrah

बीज मंत्र: ॐ गुं गुरुभ्यो नमः॥

अज्ञान के अंधकार से निकालकर ज्ञान के प्रकाश में ले जाने वाले सद्गुरु देव के पावन मंत्र। गुरु कृपा के बिना आत्मज्ञान और भवसागर से मुक्ति संभव नहीं है।

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भगवान श्री कृष्ण 4 मंत्र

श्री कृष्ण मंत्र संग्रह

Shree Krishna Mantra Sangrah

बीज मंत्र: ॐ क्लीं कृष्णाय नमः॥

पूर्ण पुरुषोत्तम, गीता के उपदेशक और प्रेम के सागर भगवान श्री कृष्ण के पावन मंत्र। मानसिक तनाव, गृह-क्लेश और भय को मिटाकर जीवन में असीम आनंद का संचार करते हैं।

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माँ लक्ष्मी (महालक्ष्मी) 3 मंत्र

माँ लक्ष्मी मंत्र संग्रह

Maa Lakshmi Mantra Sangrah

बीज मंत्र: ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्री सिद्ध लक्ष्म्यै नमः॥

धन, ऐश्वर्य, वैभव और अष्ट सिद्धियों की अधिष्ठात्री भगवती माँ महालक्ष्मी के सिद्ध मंत्र। व्यापारिक वृद्धि, कर्ज मुक्ति और स्थायी धन लाभ के लिए परम फलदायी हैं।

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प्रभु श्री राम (मर्यादा पुरुषोत्तम) 3 मंत्र

प्रभु श्री राम मंत्र संग्रह

Lord Rama Mantra Sangrah

बीज मंत्र: श्री राम जय राम जय जय राम॥

मर्यादा पुरुषोत्तम, भवसागर से पार उतारने वाले तारक स्वरूप प्रभु श्री राम के मंगलकारी मंत्र। मन का संयम, चरित्र बल, सुख-शांति और मोक्ष प्रदाता हैं।

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माँ संतोषी 2 मंत्र

माँ संतोषी माता मंत्र संग्रह

Maa Santoshi Mata Mantra Sangrah

बीज मंत्र: ॐ श्रीं संतोषी महामाया गजानंददायिनी शुक्रवारप्रियायै नमः॥

गणपति पुत्री, सकल मनोरथ पूर्ण करने वाली और जीवन में संतोष व शांति प्रदान करने वाली माँ संतोषी के सिद्ध मंत्र। शुक्रवार व्रत के समय इनका जप अत्यंत फलदायी है।

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धनपति कुबेर देव 3 मंत्र

श्री कुबेर मंत्र संग्रह

Shree Kuber Mantra Sangrah

बीज मंत्र: ॐ यक्षाय कुबेराय वैश्रवणाय धनधान्याधिपतये धनधान्यसमृद्धिं मे देहि दापय स्वाहा॥

समस्त देवों के कोषाध्यक्ष और यक्षराज धनपति कुबेर देव के सिद्ध धन प्रदायक मंत्र। तिजोरी, व्यापार और अचल संपत्ति में अपार वृद्धि हेतु अत्यंत लाभकारी हैं।

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भगवान धन्वंतरी (आरोग्य देव) 3 मंत्र

श्री धन्वंतरी मंत्र संग्रह

Shree Dhanvantari Mantra Sangrah

बीज मंत्र: ॐ धं धन्वन्तरये नमः॥

आयुर्वेद के आदि प्रवर्तक और समुद्र मंथन से अमृत कलश लेकर प्रकट हुए भगवान धन्वंतरी के सिद्ध आरोग्य प्रदायक मंत्र। समस्त शारीरिक व मानसिक रोगों के शमन हेतु अचूक हैं।

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