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सद्गुरु देव (परब्रह्म) बीज मंत्र: ॐ गुं गुरुभ्यो नमः॥

श्री गुरु मंत्र संग्रह

Shree Guru Mantra Sangrah • वैदिक एवं पौराणिक सिद्ध मंत्र

अज्ञान के अंधकार से निकालकर ज्ञान के प्रकाश में ले जाने वाले सद्गुरु देव के पावन मंत्र। गुरु कृपा के बिना आत्मज्ञान और भवसागर से मुक्ति संभव नहीं है।

📿 जप विधि व नियम: प्रातः काल शांत भाव से बैठकर गुरुदेव के चरणों का ध्यान करते हुए नित्य जप करें।
✨ मंत्र फल व लाभ: विवेक, आध्यात्मिक उन्नति, विद्या प्राप्ति, संशयों का निवारण और सद्गुरु की असीम कृपा व संरक्षण।
3 सिद्ध मंत्र
108 जप संख्या
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समस्त 3 सिद्ध मंत्र श्लोक
#1 गुरु ब्रह्मा गुरु विष्णु श्लोक (Gurur Brahma Gurur Vishnu)

गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुः गुरुर्देवो महेश्वरः। गुरुः साक्षात् परं ब्रह्म तस्मै श्रीगुरवे नमः॥

Gurur Brahma Gurur Vishnuh Gurur Devo Maheshvarah। Guruh Sakshat Param Brahma Tasmai Shri Gurave Namaha॥

भावार्थ (Meaning): गुरु ही ब्रह्मा हैं, गुरु ही विष्णु हैं और गुरु ही भगवान महेश्वर (शिव) हैं। गुरु ही साक्षात् परब्रह्म हैं; ऐसे परम पूज्य श्री गुरुदेव को मेरा बारंबार नमस्कार है।
English: The Guru is Brahma the creator, the Guru is Vishnu the preserver, the Guru is Shiva the transformer. The Guru is verily the supreme Brahman; salutations to that revered Guru.
📿 अनुशंसित जप: 21 बार प्रामाणिक वैदिक पाठ
#2 अखंड मंडलाकारं श्लोक (Akhanda Mandalakaram)

अखण्डमण्डलाकारं व्याप्तं येन चराचरम्। तत्पदं दर्शितं येन तस्मै श्रीगुरवे नमः॥

Akhanda Mandalakaram Vyaptam Yena Characharam। Tatpadam Darshitam Yena Tasmai Shri Gurave Namaha॥

भावार्थ (Meaning): जिस अखंड मंडलाकार चेतन सत्ता से यह संपूर्ण चर और अचर जगत व्याप्त है, उस परम पद का जिन्होंने हमें साक्षात्कार कराया, उन श्री गुरुदेव को मेरा प्रणाम है।
English: Salutations to that noble Guru who revealed to us the supreme reality that pervades this entire universe of moving and unmoving beings.
📿 अनुशंसित जप: 21 बार प्रामाणिक वैदिक पाठ
#3 अज्ञान तिमिरान्धस्य श्लोक (Ajnana Timirandhasya)

अज्ञानतिमिरान्धस्य ज्ञानाञ्जनशलाकया। चक्षुरुन्मीलितं येन तस्मै श्रीगुरवे नमः॥

Ajnana Timirandhasya Jnananjana Shalakaya। Chakshurunmilitam Yena Tasmai Shri Gurave Namaha॥

भावार्थ (Meaning): अज्ञान रूपी अंधकार से अंधे हुए नेत्रों को जिन्होंने ज्ञान रूपी अंजन की शलाका (सलाई) से खोल दिया, उन परम पूज्य गुरुदेव को मेरा नमस्कार है।
English: Salutations to the Guru who opened with the stick of knowledge the eyes of one blinded by the darkness of ignorance.
📿 अनुशंसित जप: 21 बार प्रामाणिक वैदिक पाठ