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🪔 माता पार्वती (गौरी) | मातृशक्ति आरती

माँ पार्वती जी की आरती

Maa Parvati Aarti • 1 पावन पद

"जय पार्वती माता, मैया जय पार्वती माता"

हिमालय पुत्री, महादेव अर्द्धांगिनी, गणेश-कार्तिकेय जननी माता पार्वती जी की सुखदायिनी आरती।

2 दर्शन | 1 पद
1 टेक व पद

जय पार्वती माता, मैया जय पार्वती माता। ब्रह्म सनातन देवी, शुभ फल की दाता॥ अरिकुल कंटक नाशिनी, सुख सम्पति की दाती। सदा शम्भु संग विराजे, त्रिभुवन विख्याती॥ हेमचैल की कन्या, जग जननी अम्बा। गणेश कार्तिकेय जननी, जय जय जगदम्बा॥ पार्वती जी की आरती, जो कोई नर गावे। अखण्ड सौभाग्य पावे, सुख-सम्पति पावे॥

Jaya Pārvatī Mātā, Maiyā Jaya Pārvatī Mātā. Brahma sanātana dēvī, shubha phala kī dātā.. Hēmachaila kī kanyā, jaga jananī ambā.. Akhaṇḍa saubhāgya pāvē, sukha-sampati pāvē..

सरल हिंदी भावार्थ:

सदा शिव जी के संग विराजने वाली गिरिजा माता पार्वती की यह आरती गाने से अखंड सौभाग्य और सुख-सम्पदा की प्राप्ति होती है।

English Meaning:

Daughter of Himalayas and eternal companion of Shiva, granting everlasting auspiciousness and domestic joy.

आरती विधि एवं नियम

तीज, करवा चौथ, हरतालिका अथवा सोमवार/शुक्रवार को शिव-पार्वती पूजन के बाद आरती करें।

आरती के लाभ एवं फल

अखंड सौभाग्य, सुयोग्य वर की प्राप्ति, वैवाहिक जीवन में मधुरता, संतान सुख एवं शक्ति संचय।