दूरदर्शिता का उपहार
एक दोपहर, बच्चों की टोली ने देखा कि नंबरदार चाचा किसी काम से गांव से बाहर गए हुए हैं। मौका पाकर बच्चों ने पेड़ पर ताबड़तोड़ पथराव कर दिया और सारी अमियां झाड़ दीं। बच्चे अमियां उठा-उठाकर अपने घर ले गए। कुछ ने उन्हें स्वाद लेकर खाया, तो कुछ ने खेल-खेल में बर्बाद कर दिया।